Biaora News. बारिश से खराब सोयाबीन सहित
अन्य खरीफको उपज में मध्यप्रदेश
में सर्वाधिक नकार राजद जिले
में होने के बावजूद जरूरतमंद
किसानों कोनमुआवजा मिल पाया
न बीमा केंद्रीय टीम वर किए गए
सर्वे में यह रिकार्ड सामने आने के
बावजूद बीमा कंपनी भी गंभीर नहीं
है और न ही प्रशासना इससे किसान
कोहिस्सोमितताही आईहै।
अतिवृष्टि से हुए नुकसान के
बाद अक्टूबर-2019 में केंद्रीय दाल
ने जिले का जमा किया था. इसमें
को सौपे गए व्यारे में यह स्पष्ट हुआ
था कि राजगढ़ जिला सर्वाधिक
ने आरबीसी-6 (4) के तहत
मुआवजा देने की घोषणा की थी जो
बाद में केंद्र से फंड नहीं देने की बात
फसल बीमायेजनाकालामभीउन
तमाम किसानों को नहीं मिला
जिनका बीमा बकायदा बैंकों ने
काटा और जिनके खेतों मेसनधिक
नुकसान भी हुआ।इससे जिलेभर के
किसान परेशान है। उनसीयालय
सकने वाला कोई नहीं है। जिला
प्रशासन, कृषि विभाग फिलहाल
निपटाने में लगे हैं।
जनकी-2020से शुरूहरण
माफी योजना केमो चरणको
प्रक्रिया में शासन ने शर्त रखी है कि
आधार कार्ड से लिंक एकहीखाते
वाले किसानों को फिलहाल लाभ
मिलेगा। यानि एक ही आधार कार्ड
से संबंधित किसान के एक एक
से अधिक खते लिंक
फिलहाल उनका कर्ज माफ नहीं
खिलर्वर तहसीलकोही दुसरे
चरणका लाभ मिला है।बाकी अन्य
तहसीलों में राशि आना शेष है।
अंतर्गत आने वाले पर किसानों को
योजना का लाभ मिलेगा,
इसके बाद आरआरबी और अन्य
राष्ट्रीयकृत बैंकों के किसानों की
बरी अनी है। फिलहाल कृषि और
राजस्व विभाग द्वारा इन किसान की
स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद
संबंधित किसानों के खाते मे51
हजार से एक लाख तक की सीमा
बलाकर्ज माफ होग।
सरकारने कर्ज माफी की
V दिलासादी वह पूरी नहीं की,
फसल खराब हुई सर्वे करवाय उसमें
नुकसान भीस्पष्ट हुआ लेकिन
बावजूद इसके न मुआवजा दिया न
ही बीमा राशि। सरकार की छल
पूर्वक नीति से किसान आक्रोशित हैं।
वे अब उम्मीद छोड़ चुके हैं कि
अका कर्ज भीमाफ किया।
-कुमैरसिंह सोंधिया, संभागीय
अध्यक्ष,
केंद्रीय टीम ने राजगढ़ जिले में पाया था अतिवृष्टि से सर्वाधिक नुकसान प्रदेश का फंड अटकने से किसानों का न मुआवजा आया न मिला बीमा (Biaora News)
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