तीन साल बाद सावन में 443.5 मिमी बारिश, पांचों डेम लबालब, फिर नया सिस्टम बना, होगी बारिश
पिछले साल से इस साल 355
मिमी ज्यादा हुई बारिश, इस
साल 884.5, पिछले साल
529.5 मिमी बारिश हुई थी
इस साल मानसून सीजन में पिछले तीन
पती या बारिश का रिकॉर्ड टूट सकता
पिके महीने में एक अगस्त से 18
अगस्त तक जिलेभर में कुल 443.5 मिमी
ओरत बारिश हो चुकी है। पांचों प्रमुख डैम
लबालब हो चुके हैं। अब बंगाल की खाड़ी
में फिर से नया सिस्टम सक्रिय होने वाला
है। ऐसे में आने वाले दो-तीन दिनों में फिर
से तेज बारिश होने की संभावना है। अभी
अगस्त माह के करीब 13 दिन शेष हैं और
सितम्बर का पूरा महीना भी बाकी है। मौसम
विभाग की माने तो मानसून सीजन के जो
शेष दिनबचे हैं, उनमें भी अच्छी बारिश होने
की उम्मीद है। इससे पहले के वर्षों में बारिश
के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016
में आस्त के पूरे महीने में जिलेभर में कुल
668.0 मिमी बारिश हुई थी। उसके बाद के
तक के आंकड़े बताते है कि वर्ष 2015 से
वर्ष 2000 तक अगस्त माह में 488.3 मिमी
से ज्यादा बारिश नहीं हुई,जो वर्ष 2013
में हुई थी।
शनिवार देर रात शुरू हुई बारिश
रविवार सुबह तक रही जारी
शहर सहित जिलेभर में पिछले चार दिन से
लगातार बारिश का दौर जारी है। शनिवार
शाम को थोड़ा मौसम खुला था, लेकिन
देर रात से फिर बारिश का सिलसिला शुरू
हुआ, जो रविवार सुबह से शाम तक जारी
रहा। शहर सहित जिलेभर में कभी झमादम
तो रिमझिम बारिश होती रही। जिलेभर में
कालीथि, नेवा सहित तमाम नदी-नाले
उफान पर बने हुए हैं।
तीन दिन की बारिश के बाद मोहनपुरा डैम के 12 गेट खोले गए हैं, डेम का नजारा देखने लोग पहुंच रहे हैं
जितेभर में डैमों की स्थिति एक नजर में आने वाले सात दिनों में बारिश की स्थिति (अनुमान)
कितने सोते
वरित की स्थिति
मोमवार 30 डिग्री तेज बारिश होगी
मंगलवार 29 डिग्री तेज बारिश रोगी
कलिया
बधवार 27 डिग्री
कुंवर चैनसिंह सागर
गरुवार 29 डिग्री
भूपमिलेगी
20 डिग्री
निवार 29डिग्री
दबादीग
27 डिग्री
तेज बारिश होगी
14 घंटे की बारिश से राजगढ़ बाइपास ब्रिज के नीचे भरा पानी, नदी, नालों के पास पुलिस तैनात
बा रविवार को लगातार 14 पर्ट ई बारिश की वजह से राजगढ़ बाइपास पर गुना-इंदौर फोरलेन हाईवे के पुल के
गोये पानी भर गया। वहीं बारिश के दौरान शहर के बीच से होकर गजरी अजनार नदी में आने वाले संचालित सालको
दृष्टिगत रखते हुए शहर के अस्पताल रोड पर अजनार नदी के पुल के दोनों तरफ देशात व शहर थाने का फोर्स तैनात
किया गया था रविवार को पूरे दिन होती रही रिमझिम बारिश की वजह से मौसम में ठंडक मुल गई।
पिछले तीन दिन की बारिश से कई जगह
फसलें आड़ी हुईं. खेतों में पानी भी भरा
पिशले तीन दिनों में हुई तेज बारिश के बाद खरीफ की
फसलों को जरूर नुकसान हुआ है, कई हिस्सों में खेतों
में खड़ी फसलें आड़ी हो गई है, जिससे नुकसानी की
आशंका बढ़ गई है। इस मामले में कृषि वैज्ञानिक बीएल
मालवीय ने किसानों को सलाह देते हुए कहा है कि
बारिश से फसलों को नुकसान नहीं है, बस किसानों को
इस बात का ख्याल रखना होगा कि खेत में पानी जम
न होने पाए, ऐसी स्थिति में पानी की निकासी का ध्यान
रखना बहुत जरूरी है।
सितम्बर में भी बेहतर बारिश की उम्मीद
मौसम विशेषज्ञ आरएस गोयल, राजगढ़ के अनुसार
अनुसार 19 अगस्त तक बंगाल की खाड़ी में एक
सिस्टम सक्रिय होने बाल है। इसके असर से 21
अगस्त के बाद जिलेभर में एक बार फिर बारिश का
दौर शुरू होगा। यह सिलसिला 25-26 अगस्त तक
चल सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बंगाल
की खाड़ी में लो-प्रेशर बनने वाला है, जो सोमवार तक
तैयार हो जाएगा। श्री गोयल के मुताबिक हमारे यहां एक
जून से 30 सितम्बर का मानसून का सीजन माना जाता
है, अभी जिस प्रकार की सिस्टम बना हुआ है, उससे
ऐसी उम्मीद है कि सितम्बर माह में भी बेहतर बारिश
पिछले साल की बारिश का रिकॉर्ड तोड़ा
इस साल जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में थोड़ी बारिश
होने के बाद सिलसिला थम गया था, तापमान अधिक
और उमस होने से लोग परेशान थे, लोग बेरस्त्री से
बारिश का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सिस्टम नहीं बन
पा रहा है और फिर 18 जुलाई के बाद जिस प्रकार
बारिश की झड़ी कि इस साल की बारिश ने पिछले साल
के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है। इस साल एक
जून से 18 अगस्त तक 884.5 मिमी बारिश हो चुकी
है, जबकि पिछले साल 529.5 बारिश ही हुई थी।
होगी।

