3 दिन की बारिश, नदी-नालों के उफान में बहीं सालभर पहले बनीं 4 सडकें. पलिया, रुके रास्ते
कई जगह तो डामर के साथ ही रोड का बेस भी बह गया, 100 से ज्यादा गांवों के रास्ते रुके
जिलेभर में पिछले तीन दिन में हुई भारी
बारिश ने निर्माण कार्यों की क्वालिटी की
हकीकत सामने ला दी है। शहर के पास
बावड़ी से खाजला तक सालभर पहले
बनाई गई प्रधानमंत्री सड़क योजना की
सड़क पुलिया सहित बारिश के साथ वह
गई। कई जगह तो डामर के साथ ही रोड का
बेस भी बह गया। इसी तरह शहर का छोटा
पा, कलीखेड़ा स्थित अजनार नदी का पुल
और नेनवाड़ की पुलिया व सड़क बारिश से
अतिग्रस्त हो गए हैं। इससे 100 से अधिक
गायों का सड़क संपर्क टूट गया है।
शनिवार को बारिश थमते ही नदी-नालों
का उफान भी कम हो गया। बारिश और
नदी-नालों के उफान से सबसे ज्यादा उन्हीं
मागों में दिक्कत आई है जो या तो निर्माण
में लापरवाही बरती गई है या फिर डिजाइन
के अनुसार निर्माण और मरम्मत नहीं की
गई है। कलीखेड़ा में अजनार नदी का पुल
बारिश में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
यहां सेतु विकास निगम ने त्रिज बनाया है,
लेकिन उसे शुरू नहीं किया गया। इसके
चलते आसपास से 50 से अधिक गांव के
लोगों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क
बहाल नहीं हो सका है।
1 बावड़ी से खाजला मार्ग का
.डामर और पुलिया वही
लगातार बारिश के चलते मूंडला डैम के गेट खोले
गए। इससे बावड़ी से खाजला जाने वाली रोड पानी
के साथ बह गई।
अजनार नदी का
पुल भी क्षतिग्रस्त
हो गया। करीव
आधा किमी लंबे
डामर के मार्ग
के बह जाने
से खाजला,
मगरियादे,
अमृतपुरा, मूंडला
गुर्जर, मूंडला
मुसावर सहित
अन्य गांवों का
सड़क संपर्क कट
गया है। ग्रामीण
भगवानसिंह
सोलंकी, श्रीलाल सोलंकी, सरपंच हेमराज रुहेला
ने बताया कि 2017 में मुख्यमंत्री सड़क योजना के
तहत इस मार्ग को बनाया था। गर्मी के समय डामर
का कोट किया गया था यह पानी में बह गया है।
आधा किमी रोड का डामर के साथ बेस भी बह गया
है। वहीं पुलिया के कई हिस्से टूट गए हैं।
नेवज नदी में उफान आने से छोटे पुल पर तीन दिनों से बारिश का
पानी था। नदी का उफान थमते ही छोटे पल से बारिश का पानी
भी कम हुआ लेकिन पुल कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गया। इसके
चलते आवागमन बाधित हो गया है। पुल पर शिव मंदिर के समीप
गहरे गड्ढे बन गए है। इस वजह से कालीपीठ, पीपलोदी, भियांपरा,
कीला अमरगढ़ सहित आसपास से 50 के अधिक गांवों का रास्ता
बंद हो गया है। हालांकि बड़े वाहन चालक यहां से वाहन निकाल रहे
हैं, लेकिन छोटे वाहन पुल से नहीं निकल पा रहे हैं। हर साल बारिश
के दौरान इस पुल के क्षतिग्रस्त होने पर इसकी मरम्मत की जाती है,
लेकिन क्वालिटी का ध्यान नहीं देने से उसी हिस्से में हर साल पुल
खराब होता है। इससे कई दिनों तक आवागमन बाधित होता है।

