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राजगढ़ राजस्थान और मालवा की मिट्टी का नतीजा कहे या फिर देश भक्ति का जज्बा कि मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के रामगढ़ और लखोनी गांव के हर चौवे घर में एक फौजी है। जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित जीरापुर तहसील अन्तर्गत आने वाले रामगढ़ और लखोनी गांवों को क्षेत्र में वीरों की भूमि के नाम से जाना जाता है। हर साल यहां से कई युवा फोज में भर्ती होते हैं और युवा सालभर फ ज में जाने के लिए तैयारी करते हैं। कई घर तो ऐसे हैं जहां पीदियों से फौज में जाने का सिलसिला जारी है। ग्रामीण बताते हैं कि रामगढ़ सहित आसपास के आधादर्जनगांव मेंहर चौथे घरसे एक युवा देश सेवा में लगा हुआ है। जहां आज भी हर साल दस से 12 लोग इंडियन आर्मी में भर्ती हो रहे हैं। आस-पास के रामगढ़, लखोनी, अरन्या, राजपुरा दो बच्चे हैं वे सभी फौज में हैं। लखोनी से 40 और रामगढ़ से आज भी करीब 50 सैनिक जम्मू, लेह, गुवाहाटी, सियाचीन आदिस्थानों पर सेवाएं दे रहे हैं और कई ऐसे हैं जो सेवानिवृत्ति के बाद गांव में रहकर अन्य युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करते हैं। हर युवा देश की सेवा से जुड़ना चाहता है यहां की मिट्टी ही कुछ ऐसी है किहर युवा देश की सेवा से जुड़ना चहता है। रामगढ़ सहित आसपास के सैकड़ों लोग सेना में? और अभी भी युवा सेना में जाने के लिए तत्पर है। वे मेहनत करते रहते है। जहां जरूरत लगती है हम भी मार्गदर्शन देते हैं। शिवराज सिंह, रिटायर्ड रोजी रामद भर्ती पर चर्चा करते हैं -जब 1971 और 5 में हमारे गांव के लोगों की गवाएं हम सुनते थे तो मन यही कहता था कि देश की सेवा में जाना है। और गए यहां 12 माह ही युवा फौज में भर्ती को लेकर चर्चा करते रहते हैं। जगन्नाथ सिंह रिटायर्ड फौजी राजगढ़ 
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