राजगढ़. समर्थन मूल्य पर सरकार द्वारा प्याज खरीदी गई। इसके बदले बोनस देने का भी वादा किया गया था, लेकिन लंबा इंतजार करने के तक नहीं पहुंची है और यदि प्याज की कीमतों की बात करें तो वह आसमान रही हैं। हालाकि प्रदेश के 12 जिलों में यह राशि भेजी जा चुकी है। जबकि राजगढ़ में बेची गई प्याज के बोनस को लेकर आए दिन किसान राजगढ़ के चक्कर लगाते रहते हैं। लेकिन उनका इंतजार कर खत्म होगा। यह मंडी प्रबंधन या फिर अन्य संस्थाएं नहीं बता पा रही। उल्लेखनीय है कि जिले में चार मंडियों में प्याज की खरीदी की गई थी। इनमें जीरापुर, ब्यावरा, नरसिंहगढ़, सारंगपुर शामिल हैं। इन मंडियों में किसानों ने पंजीयन कराते हुए अपना प्याज समर्थन मूल्य पर बेचा था। पिछले साल बेचे गए प्याज के समर्थन मूल्य का बोनस आना बाकी है। बताया जा रहा है कि सरकार ने ऐसे जिलेजहां प्याज की खरीदी कम मात्रा में हुई थी, वहां बोनस दे दिया है। उद्यानिकी विभाग के रिकार्ड को माने तो जिले में 1096 किसान थे। अब उद्यानिकी विभाग ने इनकी संख्या 3146 बताई है। सवाल उठता है कि जब तीन हजार के लगभग किसानों को ही बोनस की राशि दी जानी है तो फिर आठहजार किसानों -अन्य जिलों में दिए गए बोनस को लेकर हाल ही में विधायक दल की बैठक में हमने यहां के किसानों के बोनस का मामला उठाया था। जहां से शीघ्र ही इस तरह कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। सभी किसानों को बोनस मिलेगा। बापूसिंह तंवर, विधायक राजगढ़
राजगढ़. समर्थन मूल्य पर सरकार द्वारा प्याज खरीदी गई। इसके बदले बोनस देने का भी वादा किया गया था, लेकिन लंबा इंतजार करने के तक नहीं पहुंची है और यदि प्याज की कीमतों की बात करें तो वह आसमान रही हैं। हालाकि प्रदेश के 12 जिलों में यह राशि भेजी जा चुकी है। जबकि राजगढ़ में बेची गई प्याज के बोनस को लेकर आए दिन किसान राजगढ़ के चक्कर लगाते रहते हैं। लेकिन उनका इंतजार कर खत्म होगा। यह मंडी प्रबंधन या फिर अन्य संस्थाएं नहीं बता पा रही। उल्लेखनीय है कि जिले में चार मंडियों में प्याज की खरीदी की गई थी। इनमें जीरापुर, ब्यावरा, नरसिंहगढ़, सारंगपुर शामिल हैं। इन मंडियों में किसानों ने पंजीयन कराते हुए अपना प्याज समर्थन मूल्य पर बेचा था। पिछले साल बेचे गए प्याज के समर्थन मूल्य का बोनस आना बाकी है। बताया जा रहा है कि सरकार ने ऐसे जिलेजहां प्याज की खरीदी कम मात्रा में हुई थी, वहां बोनस दे दिया है। उद्यानिकी विभाग के रिकार्ड को माने तो जिले में 1096 किसान थे। अब उद्यानिकी विभाग ने इनकी संख्या 3146 बताई है। सवाल उठता है कि जब तीन हजार के लगभग किसानों को ही बोनस की राशि दी जानी है तो फिर आठहजार किसानों -अन्य जिलों में दिए गए बोनस को लेकर हाल ही में विधायक दल की बैठक में हमने यहां के किसानों के बोनस का मामला उठाया था। जहां से शीघ्र ही इस तरह कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। सभी किसानों को बोनस मिलेगा। बापूसिंह तंवर, विधायक राजगढ़

