ब्यावरा.सड़क सुरक्षा में सबसे बड़ी बाधा पड़ल्ले से बेतरतीय देड़ने वाले ट्रैक्टर बनते है। इन्हें दौड़ाने वाले नाबालिग और ट्रैक्टरों पर लगा का कारण बनता है। आए दिन ट्रैक्टरों से होने वाले हादसे के लग पाया है। ही शहरी क्षेत्र में दौड़ने वाले ट्रैक्टर्स सेन सिर्फ रोड पर पैदल चलनेवालों को खतरा है, बल्कि आगे और पीछे से आने वाले, क्रॉस होने वाले वाहनों को भी खतरा बना रहता है। म्यूजिक तेज आवाज बजने के कारण पीछे और साइड से निकलने वाले अन्य वाहनों और उनके हॉर्न की आवाज तकचालकको समझ नहीं आती। इससे कहीं भी महजाने वाले ट्रैक्टर वाहन चालकों के लिए मौत बनकर आते हैं और बड़े हादसे कारुपलेलेते है। लगभग जिलेभर में समस्या कायम है. जहां न सिर्फ म्यूजिक सिस्टम रेत का परिवहन करने वाले ट्रैक्टर्स पर होता है। साथ ही इन्हें अधिकतर नाबालिग ही चलाते हैं, जिन्हें नही ट्रैफिक नियमों का पता नहाइविंग वे जानते हैं। ट्रैक्टर के लिए हैवी लाइसेंस जरूरी नाबालिगों के अलावा आम तौर पर ट्रैक्टर चलाने वाले 90 फीसदी ट्रैक्टर के लिए बड़े वाहनों की तर्ज पर हैवी लाइसेस बनता है, जो पाते। साथ ही विशेष तौर पर ट्रैक्टर शिविर त्यादिलाइसेंस के लिए नहीं लगाए गए। इसीलिए नवे जागरूक हो पाते हैं और न ही लाइसेंस रेत परिवहन, उपज लेकर आते हैं ट्रैक्टर व्यावरा सहित सारंगपुर, नरसिंहगढ़, सुठालिया, जिला मुख्यालय राजगढ़ सहित अन्य कस्बों में रेत परिवहन कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है टेक्टरों पर रेडियमनलगाना Viनाबालिगों द्वारा चलाना और म्यूजिक सिस्टम तेज आवाज में कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें भी है। फिर भी सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित करताहाकि ट्रैक्टर्स पर कार्रवाई करें। -प्रदीप शर्मा, एसपी राजगढ़
ब्यावरा.सड़क सुरक्षा में सबसे बड़ी बाधा पड़ल्ले से बेतरतीय देड़ने वाले ट्रैक्टर बनते है। इन्हें दौड़ाने वाले नाबालिग और ट्रैक्टरों पर लगा का कारण बनता है। आए दिन ट्रैक्टरों से होने वाले हादसे के लग पाया है। ही शहरी क्षेत्र में दौड़ने वाले ट्रैक्टर्स सेन सिर्फ रोड पर पैदल चलनेवालों को खतरा है, बल्कि आगे और पीछे से आने वाले, क्रॉस होने वाले वाहनों को भी खतरा बना रहता है। म्यूजिक तेज आवाज बजने के कारण पीछे और साइड से निकलने वाले अन्य वाहनों और उनके हॉर्न की आवाज तकचालकको समझ नहीं आती। इससे कहीं भी महजाने वाले ट्रैक्टर वाहन चालकों के लिए मौत बनकर आते हैं और बड़े हादसे कारुपलेलेते है। लगभग जिलेभर में समस्या कायम है. जहां न सिर्फ म्यूजिक सिस्टम रेत का परिवहन करने वाले ट्रैक्टर्स पर होता है। साथ ही इन्हें अधिकतर नाबालिग ही चलाते हैं, जिन्हें नही ट्रैफिक नियमों का पता नहाइविंग वे जानते हैं। ट्रैक्टर के लिए हैवी लाइसेंस जरूरी नाबालिगों के अलावा आम तौर पर ट्रैक्टर चलाने वाले 90 फीसदी ट्रैक्टर के लिए बड़े वाहनों की तर्ज पर हैवी लाइसेस बनता है, जो पाते। साथ ही विशेष तौर पर ट्रैक्टर शिविर त्यादिलाइसेंस के लिए नहीं लगाए गए। इसीलिए नवे जागरूक हो पाते हैं और न ही लाइसेंस रेत परिवहन, उपज लेकर आते हैं ट्रैक्टर व्यावरा सहित सारंगपुर, नरसिंहगढ़, सुठालिया, जिला मुख्यालय राजगढ़ सहित अन्य कस्बों में रेत परिवहन कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है टेक्टरों पर रेडियमनलगाना Viनाबालिगों द्वारा चलाना और म्यूजिक सिस्टम तेज आवाज में कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें भी है। फिर भी सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित करताहाकि ट्रैक्टर्स पर कार्रवाई करें। -प्रदीप शर्मा, एसपी राजगढ़

