ब्यावरा. रंग-बिरंगे ट्रेफिक सिग्नाल लगाकर नगर पालिका परिषद भले ही कमियों को पूरा करने की कोशिश में जटी हो लेकिन साल पहले से पीडब्ल्यूडी के हिस्से सेनपा के पास आई अस्पताल रोड अभी तक नहीं बन पाई है। हालातयह है किमौजदा स्वीकृत हसौ मीटर का हिस्सा भी पूरा नहीं हो पाया है। दूसरे हिस्से का पस्टीमेट भी कागजे सेवाहर नहीं निकल पाया है। दरअसल, पहले हिस्से में छह सौ मीटर का अंहिसर से एसडीएम कार्यालय तकका करीब तीन करोड का प्रोजेक्ट फाइनल स्वीकृत है। जिसका आधा हिस्सा भी दो साल में पुरा नहीं हो पाया है। शहर की जनता सहित अस्पताल पहुंचने वाले तमाम जरूरतमंदों के लिए महत्वपूर्ण उक्त सिविल अस्पताल रोड को लेकर नगर पालिका परिषद गंभीर हईन यहां के अफसर और नही जनप्रतिनिधिा अबभीबचे हुए आधे हिस्से का टेंडर फाइनल बताया जा रहा है, जबकि अभी भी मामला फाइलों में उलमा महज एस्टीमेट ही तैयार हो पाया है। वहीं जिस हिस्से का काम चल रहा है वह भी बीच में होटका एजेनी कामबंद कर रखा है। ठेकेदार और नपा की आपसी-खीचतान मेंलो उका रोड के कारण जनता को निराशाही हाथ लगी है। रोड न सही पैचवर्क भी नहीं करवा रहे उत्तमहज दो किमी हिस्से को लेकर लापरवाही की हद यह है कि जिम्मेवार एजेंसी और नया प्रबंधन मोजदा रोडका मेटेनेस तक नहीं करवा रहे। एसडीएम, तहसीलदार, सीएमओ सहित तमाम जिम्मेदार नेता यहां लगभग हर दिन अते और जाते हैं लेकिन किसी का ध्यान आम नहीं जाता। हालात यह है कि पूरे मार्ग की स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी है. जगह-जगह गड्ढे हो रहे है और पूरे मार्ग पर धूल उड़ रही है, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। गिरकर घायल हो चुके हैं कई लोग उक्त मार्ग की स्थिति इतनी दयनीय है कि कई लोग यहां गिर पड़कर घायल भी हो सके । ऑटो में सफर करने वाले बुजगों, पेशनर्स को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही मरीजों को यहां से होकर अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कतों का सामना परिजनों को करना पड़ता है। कई बच्चे, बूढ़े सहित पवा यहां फिसल चके है। लगातार मामले को लेकर तमाम जिम्मेदारों से मांग की जा चुकी है
ब्यावरा. रंग-बिरंगे ट्रेफिक सिग्नाल लगाकर नगर पालिका परिषद भले ही कमियों को पूरा करने की कोशिश में जटी हो लेकिन साल पहले से पीडब्ल्यूडी के हिस्से सेनपा के पास आई अस्पताल रोड अभी तक नहीं बन पाई है। हालातयह है किमौजदा स्वीकृत हसौ मीटर का हिस्सा भी पूरा नहीं हो पाया है। दूसरे हिस्से का पस्टीमेट भी कागजे सेवाहर नहीं निकल पाया है। दरअसल, पहले हिस्से में छह सौ मीटर का अंहिसर से एसडीएम कार्यालय तकका करीब तीन करोड का प्रोजेक्ट फाइनल स्वीकृत है। जिसका आधा हिस्सा भी दो साल में पुरा नहीं हो पाया है। शहर की जनता सहित अस्पताल पहुंचने वाले तमाम जरूरतमंदों के लिए महत्वपूर्ण उक्त सिविल अस्पताल रोड को लेकर नगर पालिका परिषद गंभीर हईन यहां के अफसर और नही जनप्रतिनिधिा अबभीबचे हुए आधे हिस्से का टेंडर फाइनल बताया जा रहा है, जबकि अभी भी मामला फाइलों में उलमा महज एस्टीमेट ही तैयार हो पाया है। वहीं जिस हिस्से का काम चल रहा है वह भी बीच में होटका एजेनी कामबंद कर रखा है। ठेकेदार और नपा की आपसी-खीचतान मेंलो उका रोड के कारण जनता को निराशाही हाथ लगी है। रोड न सही पैचवर्क भी नहीं करवा रहे उत्तमहज दो किमी हिस्से को लेकर लापरवाही की हद यह है कि जिम्मेवार एजेंसी और नया प्रबंधन मोजदा रोडका मेटेनेस तक नहीं करवा रहे। एसडीएम, तहसीलदार, सीएमओ सहित तमाम जिम्मेदार नेता यहां लगभग हर दिन अते और जाते हैं लेकिन किसी का ध्यान आम नहीं जाता। हालात यह है कि पूरे मार्ग की स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी है. जगह-जगह गड्ढे हो रहे है और पूरे मार्ग पर धूल उड़ रही है, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। गिरकर घायल हो चुके हैं कई लोग उक्त मार्ग की स्थिति इतनी दयनीय है कि कई लोग यहां गिर पड़कर घायल भी हो सके । ऑटो में सफर करने वाले बुजगों, पेशनर्स को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही मरीजों को यहां से होकर अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कतों का सामना परिजनों को करना पड़ता है। कई बच्चे, बूढ़े सहित पवा यहां फिसल चके है। लगातार मामले को लेकर तमाम जिम्मेदारों से मांग की जा चुकी है

