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राजगढ़, शिक्षा सत्र शुरू होने के दौरान प्राइमरी से लेकर मिडिल स्कूल तक में वितरित होनेवाली ड्रेस को लेकर विभाग विवादों में आया था। इसमें यह आरोप लगे थे की कहीं नकहीं विभाग के ही जिम्मेदार लोग यह सब करवा रहे हैं। इसमें अपनी पसंद के दुकानदारों को स्कूलों में भेजकर दुकानदारों से कमीशन बांधे हुए हैं। हालांकि यह सिर्फ बातें थीं। हकीकत को लेकर कोई आगे नहीं आया। लेकिन अब जब एक बार फिर खेले इंडिया खिले इंडिया योजना के तहत जब हर स्कूल को खेल सामग्री खरीदने को लेकर बजट आया, तो एक बार फिर स्कूलों कोएकलेटर भेजा गया है। यह लेटर सोशल मीडिया के स्कूली गुप पर सेंड किया गया है। इस पर सर्व शिक्षा अभियान के लेटर हेड का भी उपयोग किया गया है, जो कि नियम विरुद्ध है। इस लेटर का उपयोग करते हुए जहां सर्व शिक्षा अभियान के • माध्यम से तय की गई सामग्रियों का जिक्र है। वहीं नीचे उज्जैन की दो फ माँ का भी नाम दिया गया है। इन फर्मों के नाम मोबाइल नंबर के साथ भेजे गए हैं। इसके पीछे विभाग के । कर्मचारियों या अधिकारियों का क्या उद्देश्य है। यह कहा नहीं जा सकता लेकिन विभाग द्वारा यह तय किया जाना कि इन दुकानों से सामग्री खरीदी जाए। कहीं न कहीं इसमें सांठगांठ का मामला सामने नजर आता है। क्योंकि राजगढ़ जिला सीधा भोपाल से जुड़ा है। उसके बाद उज्जैन की फर्म के नाम देना कहां तक उचित है। फर्म के नाम अलग मोबाइल नंबर एक ही विभाग की सांठगांठ इस पूरे मामले में उस समय उजागर होते दिखी जब डाले गए लेटर में फर्म का नाम नार्थ मालवा स्पोट्स एवं फिटनेस जिसका पता इंद्रणी सारीस के सामने उजैन दर्ज है। जबकि दूसरी फर्म रीतू इंटरप्राइजेज जो कि बसावदा पेट्रोल पंप के पास बताई गई है। दोनों फों के नाम और पते अलग है। लेकिन मोबाइल नंबर दोनों के साथ एक ही डले हुए है। इससे यह सिद्ध होता है कि यह किसी व्यक्ति विशेष लाभ देने के उद्देश्य से यह पूरा काम किया जा रहा है। 
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