ब्यावरा. एक दिन पहले प्रदेश की उपलब्धियों पर भाजपा ने सवाल बड़े किए है। इसे लेकर संसद भाजपाइयों ने प्रेस वार्ता की। इसमें सांसद रोडमल नागर ने कहा कि इस सरकार ने सालभर में सिवाय श्ठ प्रदेश में तबादला उद्योग खोला गया, इससे अधिकारी ढंग से काम नहीं कर पा रहे। नई शराब नीति लाकर नशे का कारोबार बना दिया, रातभर नशेड़ियों को दे दी। हाल ही में माफियाओं पर की जा रही कार्रवाई का निर्णय भले ही सही हो लेकिन इसमें भी चेहरे देखकर प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना को ढंग से लागू नहीं कर पाए। आठ लाख 35 हजार आवास आए थे जिनमें से ये लावलोटा दिए। जिले के ऊर्जा मंत्री है लेकिन बिजली की दिक्कत कायम है। घोषणा-पत्र में 12 घंटे बिजली देने की बात हुई थी एकही साल में ऐसा कुछ बदल डाला कि किसान हाहाकार कर रहे है। सासंद ने कहा कि जो उपलब्धियां सकार मिना रही है वेठी और बेबुनियाद है। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष नारायणसिंह पंवार, अमरसिंह यादव, हजारीलाल दांगी, बदीलाल यादव, नपाध्यक्ष अखिलेशजोशी जसवंत गुर्जर, रबि बहोने, चंदन अपवाल, अमित शर्मा, राजू यादव सहित अन्य मेजूद रहे। सीधी-बात की आवाज क्यों नहीं मपाई? जनता की आवाजानी है.साद सहित अतिटिके दौरान हमने सरकार को जगाने का सवाल-कारोस का दावा है कि उन्हें शिवराज सरकार ने विरासत में कर्ज में ड्या प्रदेश दिया कैसे काम करे? जवाब: ऐसा नही है भावांतर की रशिपिछली सरकार स्वीकृत करके गई थी, लेकिन वह पैसा भी लेस कर डाला।
ब्यावरा. एक दिन पहले प्रदेश की उपलब्धियों पर भाजपा ने सवाल बड़े किए है। इसे लेकर संसद भाजपाइयों ने प्रेस वार्ता की। इसमें सांसद रोडमल नागर ने कहा कि इस सरकार ने सालभर में सिवाय श्ठ प्रदेश में तबादला उद्योग खोला गया, इससे अधिकारी ढंग से काम नहीं कर पा रहे। नई शराब नीति लाकर नशे का कारोबार बना दिया, रातभर नशेड़ियों को दे दी। हाल ही में माफियाओं पर की जा रही कार्रवाई का निर्णय भले ही सही हो लेकिन इसमें भी चेहरे देखकर प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना को ढंग से लागू नहीं कर पाए। आठ लाख 35 हजार आवास आए थे जिनमें से ये लावलोटा दिए। जिले के ऊर्जा मंत्री है लेकिन बिजली की दिक्कत कायम है। घोषणा-पत्र में 12 घंटे बिजली देने की बात हुई थी एकही साल में ऐसा कुछ बदल डाला कि किसान हाहाकार कर रहे है। सासंद ने कहा कि जो उपलब्धियां सकार मिना रही है वेठी और बेबुनियाद है। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष नारायणसिंह पंवार, अमरसिंह यादव, हजारीलाल दांगी, बदीलाल यादव, नपाध्यक्ष अखिलेशजोशी जसवंत गुर्जर, रबि बहोने, चंदन अपवाल, अमित शर्मा, राजू यादव सहित अन्य मेजूद रहे। सीधी-बात की आवाज क्यों नहीं मपाई? जनता की आवाजानी है.साद सहित अतिटिके दौरान हमने सरकार को जगाने का सवाल-कारोस का दावा है कि उन्हें शिवराज सरकार ने विरासत में कर्ज में ड्या प्रदेश दिया कैसे काम करे? जवाब: ऐसा नही है भावांतर की रशिपिछली सरकार स्वीकृत करके गई थी, लेकिन वह पैसा भी लेस कर डाला।

