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पचोर से विजयपर के बीच एक सितंबर से दौड़ेगा इलेक्ट्रिक इंजन

पहले चरण में पचोर तक की गाड़ियों में लगेगा इलेक्ट्रिफाई इंजन ब्यावरा. डीजल वाला इंजन अब पुराने जमाने की बात हो गई है.... ब्यावरा में भी बिजली वाली ट्रेन दौड़ने लगेगी। एक सिंतबर से मक्सी-विजयपुर रेलवे ट्रैक के पचोर-विजयपुर के बीच यह शुरुआत होगी। सीआरएस के इंस्पेक्शन के बाद फाइनल हो चुके ट्रैक पर अब रेलवे बिजली वाला इंजन दौड़ाने की तैयारी में है। पहले चरण में गुना की ओर से आने वाली ट्रेनों को पचोर तक ले जाया जाएगा। यह शुरुआत एक सितंबर से होगी, माना जा रहा है कि पहले मालगाड़ी में यह प्रयोग किया जाएगा। जिसका इंजन फिर पचोर से बदलकर आगे रवाना किया जाएगा। फिलहाल जब तक पचोर के आगे का काम नहीं होता तब तक वहां से आगे पैसेंजर या अन्य ट्रेनों में इलेक्ट्रिक इंजन नहीं लगेगा। इंजन बदलने में लगने वाले समय से फिलहाल पैसेंजर ट्रेनों को इससे दूर रखा है, लेकिन एक सिंतबर से चालू हो चुके पूरे ट्रैक पर ट्रेने चालू हो जाएंगी। बता दें कि ट्रैक पर बिजली सप्लाई पहले ही शुरू की जा चुकी है, इससे पचोर, ब्यावरा सहित अन्य स्टेशनों के पैनल जोड़ दिए गए हैं। इन पैनल्स से अब लोकल सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी गई है। रोजाना ब्लॉक, पचोर से आगे काम आई तेजी बचे हुए पचोर से मक्सी के बीच के काम में अब तेजी आई है। इसके लिए रोजाना ब्लॉक लिया जा रहा है। मंगलवार को भी तीन घंटे का ब्लॉक लेकर ओएचई यान द्वारा काम किया जा रहा था। बचे हुए काम को पूरा करने का लक्ष्य जनवरी-2020 रखा गया है। इसके बाद पूरे ट्रैक पर बिजली वाली ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। फैक्ट-फाइल -141.22 करोड़ का है इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट। -80 फीसदी काम पूरा हुआ। -01 सिंतबर से दौड़ेगा इलेक्ट्रिक इंजन। -12 से अधिक ट्रेनों के बढ़ने के आसारा -2020-जनवरी में काम पूरा (नोट: रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार) एक सितंबर से इलेक्ट्रिक V जन पौड़ाने का सर्कुलर आया है। इसमें पहले चरण में मालगाड़ियों को पचोर तक ले जाया जाएगा। इंजन बदलने में समय अधिक लगता है इसलिए फिलहाल संजर ट्रेन यथावत रहेंगी। -चंद्रभूषण कुमार, स्टेशन मास्टर, 
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