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ग्रामीण बोले-चक्कर लगा-लगाकर थक चुके नहीं हुई सुनवाई राजगढ़. मोहनपुरा सिंचाई परियोजना के अंतर्गत करीब 40 गांवडूब में आए। लगभग सभी गांव में मुआवजा का वितरण हुआ है। किसी की जमीन का तो कई मकान भी इस डैम की चपेट में आए हैं। लेकिन कुछ लोग अभी भी ऐसे हैं, जो पात्र होने के बावजूद अपने सारे दस्तावेज भले ही विभाग और एसडीएम कार्यालय में जमा करा चुके हैं। लेकिन उनका मुआवजा आज तक नहीं मिला है। ऐसे में ग्रामीण अब आर पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं, जहां वे आज से जल सत्याग्रह शुरू करेंगे जो तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी। जल सत्याग्रह में शामिल होने वाले कन्हैयालाल, सीताराम, जमुना बाई, जितेंद्र, आनंद, राजू, राजाराम, देवधगत सहित अन्य लोगों ने बताया कि हम आए दिन जनसुनवाई और एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाते रहते हैं। लेकिन वहां से किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं मिलता। हर बार समझा- बुझाकर जांच के नाम पर वापस र भेज दिया जाता है। ऐसे में अब उनके पास आर पार की लड़ाई ही बची है। यही कारण है कि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अब वे अपनी मांग को मनवाने के लिए कोई उग्र प्रदर्शन या फिर किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाएंगे। बल्कि अब जल सत्याग्रह करते हुए अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाएंगे। नवीन मोहनपुरा के पास करेंगे सत्याग्रह ग्रामीणों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर सोमवार को एक बार फिर एसडीएम के पास पहुंचे। अब तत्कालीन एसडीएम श्रुति अग्रवाल का बदलाव होने के बाद अब एसडीएम संदीप अस्थाना बनाए गए हैं। ऐसे में अब उन्हें फिर सुनने से इस मामले की जांच करनी पड़ेगी, जो हमारे लिएएकलंबा समय होगा। जबकि जांच मुश्किल से 1 घंटे के अंदर पूरी की जा सकती है। लेकिन पूर्व के अधिकारियों ने भी बार-बार समय बढ़ाया और आज तक हमें मुआवजा नहीं मिला। 
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