ब्यावरा. प्रमुख राष्ट्रीय त्योहारों पर भले ही सरकारी भवनों की दशा सुधारदी जाती हो और रंगरोगनकर दिया जाता हो, लेकिन बीते पांच साल में जिस जगह ईदौर-भोपालकी तर्ज पर चाट-चौपाटी बनाई जानी थी. व्ही नपा कॉम्लेक्स आज धूल यहां लगाए गए ले भी शहरकी हदय स्थली कहे जाने वाले पीपल वेराहे से लगे नया कॉम्लेक्स को संवारने का मुख्य बिदू तमाम जनप्रतिनिधियों ने अपने घोषणा-पत्र में शामिल किए थे। लेकिन चाट चौपाटी तो दूर उक्त परिसर की धूल भी समय पर साफ नही हो पाती। उक्त परिसर में ही उल्टा कब्जे होने लगे है अंदर के दुकानदारों को इससे दिक्कतें होने लगी है। पूरे परिसर में साइडों में लगाए गए लेग्य भी असामाजिक तत्व और बदमाश चुरा ले गए। इससे रात के समय भी पूरे कॉम्प्लेक्स में अंधेरा पसरा रहता है। रात के समय कॉम्प्लेक्स के अंदर असामाजिक है कि हमे कहा गया था कि परिसर का अतिक्रमण हटाया जाएगा लेकिन दुकान के बाहर ही ठेले. गुमटियां इत्यादि अव्यवस्थित ढंग से लग जाने से परेशानी होती है। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ हीनालियों की प्रॉपर सफाई और मवेशियों के चूमते रहने है। एसबीआई के एटीएम में तक गंदगी पसरी रहती है। दिया। न समाई पर किसी का जोर चलानही अन्य दुकाने.सेलो पर। रात के समय सामन्य रोशनी भी उक्त परिसर में नहीं रह पाती, इसके अलावा पीपल चैराहे के आस-पास की दशा भी जिम्मेदारों ने नहीं सुधारी। इतने सालों में भी चालू नहीं हुई पुलिस चौकी इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेफिक माइक कटोल रूम के तौर पर शुरू होने वाली पुलिस चौकी भी अभी तक चालू नहीं हो पाई है। नप कॉम्प्लेक्स के उपर बनी उक्त पुलिस चौकी में ताला लगा हुआ है। वहां की सफाई तक समय पर नहीं होती। जबकि कई बार उसे चाल करने के दावे नगर पालिका कर चुकी और इतने ही दावे पुलिस भी। अब चौकी चालू नहीं हो पाने से असामाजिक तत्वों को भी कोई डर नहीं रह गया है।
ब्यावरा. प्रमुख राष्ट्रीय त्योहारों पर भले ही सरकारी भवनों की दशा सुधारदी जाती हो और रंगरोगनकर दिया जाता हो, लेकिन बीते पांच साल में जिस जगह ईदौर-भोपालकी तर्ज पर चाट-चौपाटी बनाई जानी थी. व्ही नपा कॉम्लेक्स आज धूल यहां लगाए गए ले भी शहरकी हदय स्थली कहे जाने वाले पीपल वेराहे से लगे नया कॉम्लेक्स को संवारने का मुख्य बिदू तमाम जनप्रतिनिधियों ने अपने घोषणा-पत्र में शामिल किए थे। लेकिन चाट चौपाटी तो दूर उक्त परिसर की धूल भी समय पर साफ नही हो पाती। उक्त परिसर में ही उल्टा कब्जे होने लगे है अंदर के दुकानदारों को इससे दिक्कतें होने लगी है। पूरे परिसर में साइडों में लगाए गए लेग्य भी असामाजिक तत्व और बदमाश चुरा ले गए। इससे रात के समय भी पूरे कॉम्प्लेक्स में अंधेरा पसरा रहता है। रात के समय कॉम्प्लेक्स के अंदर असामाजिक है कि हमे कहा गया था कि परिसर का अतिक्रमण हटाया जाएगा लेकिन दुकान के बाहर ही ठेले. गुमटियां इत्यादि अव्यवस्थित ढंग से लग जाने से परेशानी होती है। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ हीनालियों की प्रॉपर सफाई और मवेशियों के चूमते रहने है। एसबीआई के एटीएम में तक गंदगी पसरी रहती है। दिया। न समाई पर किसी का जोर चलानही अन्य दुकाने.सेलो पर। रात के समय सामन्य रोशनी भी उक्त परिसर में नहीं रह पाती, इसके अलावा पीपल चैराहे के आस-पास की दशा भी जिम्मेदारों ने नहीं सुधारी। इतने सालों में भी चालू नहीं हुई पुलिस चौकी इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेफिक माइक कटोल रूम के तौर पर शुरू होने वाली पुलिस चौकी भी अभी तक चालू नहीं हो पाई है। नप कॉम्प्लेक्स के उपर बनी उक्त पुलिस चौकी में ताला लगा हुआ है। वहां की सफाई तक समय पर नहीं होती। जबकि कई बार उसे चाल करने के दावे नगर पालिका कर चुकी और इतने ही दावे पुलिस भी। अब चौकी चालू नहीं हो पाने से असामाजिक तत्वों को भी कोई डर नहीं रह गया है।

