https://www.biaorarajgarhnews.online/p/coronavirus-live-status-in-india.html


ब्यावरा. अभी तक निजी क्लीनिक और भोपाल-इंदौर के भरोसे रहने वाले बच्चों के माता-पिता के लिए अच्छी खबर है। ब्यावरा सिविल अस्पताल में अब बच्चों का उपचार भी होगा। लंबे समय से खाली पड़े शिशु रोग विशेषज्ञ की पूर्ति यहां हो गई है। एक और आने की संभावना है। हालांकि पैरामेडिकल स्टॉफ की गुंजाइश अभी भी है। ब्यावरा अस्पताल में डॉ. पुरुषोत्तम गुप्ता (पीडियाट्रिक) ने ज्वॉइन कर लिया है। इसके अलावा दो एमबीबीएस डॉक्टर भी अस्पताल को मिले हैं। जिन्होंने ज्वॉनिंग के बाद अवकाश ले लिया था, इनमें से एक डॉ. अभिषेक सोनी और एक महिला डॉ. पूर्वी वर्मा (एमबीबीएस) शामिल हैं। वर्तमान और नए को मिलाकर कुल 14 डॉक्टर ब्यावरा अस्पताल में हो गए हैं। इनमें से एक नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शहर साहू, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस गुप्ता, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके जैन और सीनियर सर्जन डॉ.राकेश गुप्ता शामिल हैं। साथही दो-दो एनेस्थेटिक भी यहां मौजूद हैं। यानि डॉक्टर्स वाली क्राइसेस अब न के बराबर बची है। वहीं, सर्वाधिक सुविधा बच्चों के लिए मिली है। तो शुरू हो सकता है एनबीएसयू सालों से धूल खा रहा बच्चों का एनबीएसयू वार्ड अब चालू होने की उम्मीद है। लंबे समय से वह बंद पड़ा था, थोड़ी सी दिक्कत में ही नवजात बच्चों तक को राजगढ़ या अन्य कहीं रेफर करना पड़ता था। साथ ही अन्य मरीजों को भी क्राइसेस से दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब पर्याप्त डॉक्टर्स होने, दो-दो एनेस्थेटिक होने से यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि यहां शत- प्रतिशत सीजर और सर्जरियां होने लगेंगी। 
Previous Post Next Post