https://www.biaorarajgarhnews.online/p/coronavirus-live-status-in-india.html



ब्यावरा. शहर का बेतरतीय ट्रैफिक भले ही शासन-प्रशासन सुधार नहीं पाए हो लेकिन कार्यकाल पूरा होते- होते मौजूदा परिषद ने सोमवार को शहर में लगाए गए 86 लाख रुपए टेस्टिंगकरदी। अब ऐसे शहर में so और 30 सेकंड के लिए सिग्नल चलेंगे जहां के 90 प्रतिशत से ज्यादा वाहन चालकों को ट्रैफिक सेंस ही शहर में 40 साल पुरानी आफत धूल अभी भी मौजूद है, महज बस स्टैड से इरिनाका के बीच रोजाना जाम लगता है। सुठालिया रोड पर पैदल जानेकले लोग तक गुत्थमगुत्या हो जाते है। ऐसे में जिन सिग्नल से ट्रैफिक सुधार की उम्मीद जिम्मेदारों ने जताई उसकी हकीकत कुछ और ही है। फिलहाल इंदौर की पजेंसी ने सोमवार को फाइनली ट्रैफिक सिग्नल लगा दिए है। शहर के रेलवे स्टेशन तिराहे, बस स्टैंड, सुठालिया रोड बाइपास, पीपल ट्रैफिक सिग्नल को सेट कर वाहवाही चाहने वाली नगर पालिका के खिलाफ शहरभर में आक्रोश है। तमाम वाडौं की जनता धूल खा रही है और रोड खस्ताहाल हो गए हैं। लोगों को पैदल चलने में तक दिक्कत हो रही है। शहर की जनता परेशान हैं और शहर के तमाम बुनियादी मुद्दे कायम है। जनता रोड के लिए परेशान है, 10-10 दिन में भी लोगों को पीने तक का पानी नहीं हुई होगी टेस्टिंग, मुझे जानकारी नहीं है कंपनी ने फाइनल टेस्टिंग कर दी होगी. मुझे पूरी जानकारी नहीं है। स्टॉल पहले ही किए जा चुके थे, प्रमुख चौराहों पर सिग्नल लगा दिए हैं। जहां तक अन्य कार्यों की बात है तो उन पर भी ध्यान दिया जाएगा। इकरार अहमद, 0 सीएमओ, नपा, ब्यावरा 
Previous Post Next Post