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ब्यावरा, मध्यप्रदेश होमगार्ड एवं परिवार कल्याण संघका प्रांतीय सम्मेलन रविवार को शहर के गुना बायपास स्थित एक निजी होटल परिसर में आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से शामिल हुए होमगार्ड सैनिकों ने विभाग द्वारा बेदखलकर पेशन नहीं दिए जानेको लेकर विचार विमर्श किया। इस दौरान होमगार्ड कंपनी हवलदार मेजर और संघ संस्थापक किशनसिंह चौहान ने कार्यक्रम और प्रेसवार्ता को संबोधित करते हए कहा कि होमगार्ड से जो रिटायर्डमेट हो गए हैं, उन्हें किसी प्रकार की पेंशन नहीं दी जा रही है, जो लोग सेवा कर रहे है उन्हें कभी भी डिस्जार्च कर दिया जाता है और एक दो साल बाद वापस बुला लिया जाता है। ऐसे में होमगार्ड विभाग हमारे साथ छलावा कर रहा है। जब देश का 1972 में पाकिस्तान से युद्ध हाथा, उस समय प्रदेश से हमारी तीन होमगार्ड की बटालियन को सीमा पर भेजा गया था। जहां हमने : सैनिकों के को सेकंधा मिलाकर : पाकिस्तानियों से युद्ध किया और 90 : हजार पकिस्तानी सेना को भारतीय सेना ने गिरफ्तार करवाने में सहयोग किया। इसमें हमारे कई होमगार्ड । सनिक मारे गए। साथ ही प्रदेश में भी । 24घटेपलिस के कंधा से कंधा । मिलाकर काम करने के बाद जब । हमें रिटायर्ड किया जाता है, तबकोई । भी शासकीय सेवाओं का लाभ नहीं । मिल पा रहा है। सरकार से हमारी । को लाभ से वचित किया गया उन्हें लाभ दिया जाए। सन 1974 से वेलफेयर के नाम पर काटी गई राशि तुरंत वापस की जाए। होमगार्ड अधिनियम सन 1974 के स्थान पर 2016 में किए गए नवीन अधिनियम में स्वयंसेवी सेवा मुक्त आहान रिटायर के साथ मिलने वाली राशि 15 दिन के स्थान पर सन 1985 आदेश एक माह के आदेश को बहाल किया जाकर लाभ दिया जाए। अगर सरकार ने हमारी उस मांगों को नहीं माना तो हम प्रदेशभर के सभी पावित होमगार्ड गुख्यमत्री निवास के सामने चहरी पहनकर आंदोलनकर कहेंगे की हम भूखा मर रहे हमे खाने को थे। इस अवसर पर मेजर रामप्रवर हरिसिंह राजपूत ग्वालियर, शैतानसिंह, इंगरसिंह, रामप्रवरा , मानसिंह नायक नासा रतनसिंह संकाति, विजय शर्मा होशंगाबाद बालाराम सह विदिशा राधेश्याम सर्मा, नारायणप्रसाद पाडे जबलपुर सहित प्रदेशभर से वही संख्या में रिटा. होमगाई निक उपस्थित थे। 
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