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ब्यावरा. बुरहानपुर से नगर विहार करते हुए एक दिन पहले ब्यावरा पहुंचे जैन संतों ने गुरुवार को दिगंबर जैन मंदिर पर प्रवचन दिए। इसमें कहा कि आदमी जीवनभर कमाता है लेकिन आखिर में हमेशा जिस गोबर से नफरत करता है उसी के बने कंडे में मिल जाता है। उसी से जलता है। लाखों, करोड़ों रुपयों का मकान काम नहीं आता, जब मौत होती है तो अशुद्धि फैलने से घरवाले बाडी को उसी मकान में ज्यादा समय नहीं रखते। इसलिए तमाम प्रकार की मोह-माया छोड़कर ईश्वर से जुड़ें। आदमी पाप करना नहीं चाहता लेकिन पाप को छोड़ता भी नहीं है।हमें ईश्वर को समझने की जरूरत है। जिस तरह हम पानी जड़ में सींचते हैं तो फल टहनी में लगते हैं, उसी प्रकार यदि हम धर्म करेंगे तो भगवान इसका फल विभिन्न रूपों में देगा। परिवार, पीढ़ियों सहित जीवन के विभिन्न मार्गों में इसका फल हमें देखने को मिलेगा। विशुद्ध सागर महाराज के शिष्य प्रणुत सागर महाराज ससंघ पधारे थे।सुबह प्रवचन और भोजन के बाद दोपहर करीब ढाई बजे उन्होंने नगर विवार किया। गुना रोड होते हुएवे काचरी पहुंचे, जरां रात्रि विश्राम किया। इसके बाद वे सोनगिर (दतिया) अपने गुरुदेव का आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे। इस दौरान संतश्री की अगवानी करने रमेशजैन, राजेंद्र जैन, रवींद्र जैन, राजीव जैन, भानु जैन, डॉ. नमिता जैन, डिंपल जैन, शिल्पी जैन, पूर्वी जैन, सरोज जैन, शोभा जैन, सुष्मा जैन, अमित जैन, अग्रिया, अग्रज सहित अन्य समाजन शामिल हुए। 
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