ब्यावरा, शहर में बाइक चोरी के मामले इस कदर बढ़ रहे हैं कि बदमाशों को न पुलिस का डर है न भीड़ का। सोमवार को इसी तरह का एक मामला सामने आया, इसमें दिनदहाड़े एक बदमाश युवक से बाइक छीनकर भाग निकला। सोमवार दोपहर नगर पालिका किसी काम से पहुंचे नीरज शिवहरे की बाइक एमपी 39 एमएल 4002 चोरी हो गई। वे बाइक को बाहर खड़ाकर चले गए और शाम चार बजे लोटकर देखा तो एक युवक लेकर भागता हुआ युवक दिखाई दे रहा है। मनोज ने थाने में शिकायत की है। उसने पत्रिका को बताया कि मेरी आंखों के सामने पूरा वाकया हुआ। एक अपराधी किस्म का युवक बाइक स्टॉर्ट कर ही रहा था, इतने में मैं पहुंचा तो वह बाइक लेकर भाग निकला। उन्होंने बताया कि शहर में बदमाशों को पुलिस का खौफ ही नहीं रहा। मास्टर-की से चोरी हो जाती है बाइक - शहर में बाइक चोरी पह ल। वारदात नहीं चांचौड़ा क्षेत्र नीरज शिवहरे के शातिर जिसके हाथों से बरक चोरी बाइकबुराले गए यहां सक्रिय है. बदमाश। जो चंद मिनटों । में बाइक चुरा लेते हैं। खास बात है । उनके पास एक मास्टर-की (चाबी) होती है जो तमाम बाइकों में लग 1 जाती है। बदमाश पहले रैकी करते है,बाइक मालिक का शेड्यूल देखते है कि दिनभर में ये कहां-कहां जाता है। इसके बाद उन्हीं के घर, सब्जी । मंडी, दुकान, मार्केट या किसी भी दफ्तर से चंद मिनटों में बाइक चुरा लेते हैं।
ब्यावरा, शहर में बाइक चोरी के मामले इस कदर बढ़ रहे हैं कि बदमाशों को न पुलिस का डर है न भीड़ का। सोमवार को इसी तरह का एक मामला सामने आया, इसमें दिनदहाड़े एक बदमाश युवक से बाइक छीनकर भाग निकला। सोमवार दोपहर नगर पालिका किसी काम से पहुंचे नीरज शिवहरे की बाइक एमपी 39 एमएल 4002 चोरी हो गई। वे बाइक को बाहर खड़ाकर चले गए और शाम चार बजे लोटकर देखा तो एक युवक लेकर भागता हुआ युवक दिखाई दे रहा है। मनोज ने थाने में शिकायत की है। उसने पत्रिका को बताया कि मेरी आंखों के सामने पूरा वाकया हुआ। एक अपराधी किस्म का युवक बाइक स्टॉर्ट कर ही रहा था, इतने में मैं पहुंचा तो वह बाइक लेकर भाग निकला। उन्होंने बताया कि शहर में बदमाशों को पुलिस का खौफ ही नहीं रहा। मास्टर-की से चोरी हो जाती है बाइक - शहर में बाइक चोरी पह ल। वारदात नहीं चांचौड़ा क्षेत्र नीरज शिवहरे के शातिर जिसके हाथों से बरक चोरी बाइकबुराले गए यहां सक्रिय है. बदमाश। जो चंद मिनटों । में बाइक चुरा लेते हैं। खास बात है । उनके पास एक मास्टर-की (चाबी) होती है जो तमाम बाइकों में लग 1 जाती है। बदमाश पहले रैकी करते है,बाइक मालिक का शेड्यूल देखते है कि दिनभर में ये कहां-कहां जाता है। इसके बाद उन्हीं के घर, सब्जी । मंडी, दुकान, मार्केट या किसी भी दफ्तर से चंद मिनटों में बाइक चुरा लेते हैं।

