ब्यावरा. भारत-तिब्बत बॉर्डर पर उत्तराखंड के जोशीमठ पर तैनात शहर के सैनिक को सैन्य सम्मान के साथ शनिवार को विदाई दी। अत्यधिक बर्फबारी के कारण उनका शव नहीं लाया जा सका था, शनिवार को उन्हें सम्मान के साथ ब्यावरा लाया गया। दरअसल, ब्यावरा निवासी सैनिक ललित रावत (45) का स्थानीय मुक्तिधाम पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बड़ी संख्या में मौजूद शहरवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका पार्थिव शरीर तीन दिन बाद ब्यावरा पहुंचा, आईटीबीपी उत्तराखण्ड सेक्टर में रिमझिम पोस्ट पर तैनात ललित की मौत 28 नवंबर को ड्यूटी के दौरान भारी बर्फबारी में हार्ट अटैक आने से हो गई थी। शनिवार को पार्थिव शरीर को सैन्य वाहन से गृह नगर ब्यावरा लाया गया, यहां परिजनों समेत बड़ी संख्या में नागरिकों के अंतिम दर्शन के बाद मुक्तिधाम पर आईटीबीपी रायफल की टुकड़ी ने हवा में सात राउंड फायर कर उन्हें अंतिम सलामी दी। ललित के पिता कमल रावत और भाई राहुल ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इस दौरान सांसद रोडमल नागर, विधायक गोवर्धन दांगी, पूर्व विधायक नारायण सिंह पवार, पुरुषोत्तम दांगी, एसडीएम रमेश पांडे, तहसीलदार सहित अन्य पहुंचे। अंतिम यात्रा पर विभिन्न मंचों से फूल बरसाए गए, नम आंखों से उन्हें विदाई दी गई। ललित के निधन की खबर मिलते ही मां नर्मदा देवी, पिता कमल रावत, छोटा भाई राहुल, चाचा नरेश, नागेश मनोज और पत्नी निशा रावत व बेटियां वरदांशी और देवांशी का रो-रोकर बुरा हाल था।
ब्यावरा. भारत-तिब्बत बॉर्डर पर उत्तराखंड के जोशीमठ पर तैनात शहर के सैनिक को सैन्य सम्मान के साथ शनिवार को विदाई दी। अत्यधिक बर्फबारी के कारण उनका शव नहीं लाया जा सका था, शनिवार को उन्हें सम्मान के साथ ब्यावरा लाया गया। दरअसल, ब्यावरा निवासी सैनिक ललित रावत (45) का स्थानीय मुक्तिधाम पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बड़ी संख्या में मौजूद शहरवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका पार्थिव शरीर तीन दिन बाद ब्यावरा पहुंचा, आईटीबीपी उत्तराखण्ड सेक्टर में रिमझिम पोस्ट पर तैनात ललित की मौत 28 नवंबर को ड्यूटी के दौरान भारी बर्फबारी में हार्ट अटैक आने से हो गई थी। शनिवार को पार्थिव शरीर को सैन्य वाहन से गृह नगर ब्यावरा लाया गया, यहां परिजनों समेत बड़ी संख्या में नागरिकों के अंतिम दर्शन के बाद मुक्तिधाम पर आईटीबीपी रायफल की टुकड़ी ने हवा में सात राउंड फायर कर उन्हें अंतिम सलामी दी। ललित के पिता कमल रावत और भाई राहुल ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इस दौरान सांसद रोडमल नागर, विधायक गोवर्धन दांगी, पूर्व विधायक नारायण सिंह पवार, पुरुषोत्तम दांगी, एसडीएम रमेश पांडे, तहसीलदार सहित अन्य पहुंचे। अंतिम यात्रा पर विभिन्न मंचों से फूल बरसाए गए, नम आंखों से उन्हें विदाई दी गई। ललित के निधन की खबर मिलते ही मां नर्मदा देवी, पिता कमल रावत, छोटा भाई राहुल, चाचा नरेश, नागेश मनोज और पत्नी निशा रावत व बेटियां वरदांशी और देवांशी का रो-रोकर बुरा हाल था।

