राजगढ़.पास केहीस्कले में बच्चों को शिक्षा दी जाए और गांव-गांव में स्कल हो इस तर्ज पर शासन द्वारा लगभग सभी गांव में स्कूलबना दिए गए. लेकिन अभी भी ऐसे कई स्कूल है जिनमें बच्चों की संख्या बहुत कम है। ऐसे में शासन ने 10 से कम नामांकन वाले स्कूलों को पास के अन्य स्कूल मेमर्ज करने का निर्णय लिया है। ऐसे में जिले के 77 प्राइमरी और एक मिडिल स्कूलकोबंदकरते हुए उसे पास के ही स्कूल में मर्ज यह स्थिति 78 स्कूल में है जिनमें बच्चों की संख्या 10 से भी कम है। लेकिन शिक्षकों की संख्या दो है। स्कूलों को बंद किए जाने के पीछे यह तर्क किकम बच्चों के स्कूल में भी बच्चे की परी उपस्थिति नहीं होती और शिक्षकों को बराबर वेतन । दिया जाता है। यदिइन शिक्षकों का उपयोग अन्य स्कूलों में किया जाता। है। जहां शिक्षकों की कमी है तो । निसिप से शिक्षा के स्तर में सुधार होगा साथ ही कमबच्चे वाले । स्कूल बंदकरते हए जवनबच्चों । को ऐसे स्कूलों में भेजा जाएगा जहां बच्चों की संख्या ज्यादा है तो इनकी भीलगन स्कूल जाने के लिए बढ़ेगी।' बैठक में होगा अनुमोदन आगामी सत्र एक अप्रैल से इन स्कूलों को पास केहीस्कों में मर्ज किया जाएगा। शासन के आदेशों के अनुसार तैयार की गई। सूची को जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक में रखा जाएगा। अनुमोदन के बाद यह स्कूल बंद हो जाएंगे। स्कूल भवनों का क्या जिन स्कूलों को बंद किया जाएगा वहां के भवन शिक्षा विभाग के अधीन रहेंगे लेकिन देखरेख के अभाव में यह भवन खंडहर हो सकते हैं। ऐसे में वहां यदि घरों में इकलेरा, मावलिया, नरसिंहपुरा, सेमलखेड़ी, खेड़ाबुखारी, भगवानपुरा, ओंकारपुरा, बुर्दा, इंदिरा आवास बावड़ी खेड़ी, लक्ष्मणपुरा, भगवानपुरा, किल्ला बंजारी, पीसी, पिपलिया जिया, काकरिया खुर्द जसेपुरा। सारंगपुर ब्लॉक के धामंदा सुमरी हेड़ी, कोरियाखेड़ी, हीरापुरा, भरवाखेड़ी, मल्हारपुरा, खिलचीपुर के कुआखेड़ा, तखतपुरा, चमारी, मोतीपुरा, ताड़ातड़ा सनखेड़ाखुर्द, जेतपुरा, राजपुरा, पिपलियाकला, जेतपुराबड़ी, हिम्मतगह, माधवपुर, भाटखेड़ा, गूंगाखेड़ा गाजियाखुर्द हैं। जबकि जीरापुर ब्लॉक के गोपालपुरा, आवाज, ऐसे स्कूल हैं जो अगले सत्र से बंद किए जाएंगे।
राजगढ़.पास केहीस्कले में बच्चों को शिक्षा दी जाए और गांव-गांव में स्कल हो इस तर्ज पर शासन द्वारा लगभग सभी गांव में स्कूलबना दिए गए. लेकिन अभी भी ऐसे कई स्कूल है जिनमें बच्चों की संख्या बहुत कम है। ऐसे में शासन ने 10 से कम नामांकन वाले स्कूलों को पास के अन्य स्कूल मेमर्ज करने का निर्णय लिया है। ऐसे में जिले के 77 प्राइमरी और एक मिडिल स्कूलकोबंदकरते हुए उसे पास के ही स्कूल में मर्ज यह स्थिति 78 स्कूल में है जिनमें बच्चों की संख्या 10 से भी कम है। लेकिन शिक्षकों की संख्या दो है। स्कूलों को बंद किए जाने के पीछे यह तर्क किकम बच्चों के स्कूल में भी बच्चे की परी उपस्थिति नहीं होती और शिक्षकों को बराबर वेतन । दिया जाता है। यदिइन शिक्षकों का उपयोग अन्य स्कूलों में किया जाता। है। जहां शिक्षकों की कमी है तो । निसिप से शिक्षा के स्तर में सुधार होगा साथ ही कमबच्चे वाले । स्कूल बंदकरते हए जवनबच्चों । को ऐसे स्कूलों में भेजा जाएगा जहां बच्चों की संख्या ज्यादा है तो इनकी भीलगन स्कूल जाने के लिए बढ़ेगी।' बैठक में होगा अनुमोदन आगामी सत्र एक अप्रैल से इन स्कूलों को पास केहीस्कों में मर्ज किया जाएगा। शासन के आदेशों के अनुसार तैयार की गई। सूची को जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक में रखा जाएगा। अनुमोदन के बाद यह स्कूल बंद हो जाएंगे। स्कूल भवनों का क्या जिन स्कूलों को बंद किया जाएगा वहां के भवन शिक्षा विभाग के अधीन रहेंगे लेकिन देखरेख के अभाव में यह भवन खंडहर हो सकते हैं। ऐसे में वहां यदि घरों में इकलेरा, मावलिया, नरसिंहपुरा, सेमलखेड़ी, खेड़ाबुखारी, भगवानपुरा, ओंकारपुरा, बुर्दा, इंदिरा आवास बावड़ी खेड़ी, लक्ष्मणपुरा, भगवानपुरा, किल्ला बंजारी, पीसी, पिपलिया जिया, काकरिया खुर्द जसेपुरा। सारंगपुर ब्लॉक के धामंदा सुमरी हेड़ी, कोरियाखेड़ी, हीरापुरा, भरवाखेड़ी, मल्हारपुरा, खिलचीपुर के कुआखेड़ा, तखतपुरा, चमारी, मोतीपुरा, ताड़ातड़ा सनखेड़ाखुर्द, जेतपुरा, राजपुरा, पिपलियाकला, जेतपुराबड़ी, हिम्मतगह, माधवपुर, भाटखेड़ा, गूंगाखेड़ा गाजियाखुर्द हैं। जबकि जीरापुर ब्लॉक के गोपालपुरा, आवाज, ऐसे स्कूल हैं जो अगले सत्र से बंद किए जाएंगे।

