https://www.biaorarajgarhnews.online/p/coronavirus-live-status-in-india.html



राजगढ़ और खिलचीपुर के सैकड़ों गांव में पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर जल निगम के माध्यम से एक अरब19 करोडकी लागत से गांव-गांव में पाइप लाइन बिछाई जा रही है। लेकिन इसकी गुणवत्ता को लेकर विपक्ष नहीं बल्कि कांग्रेस के ही पूर्व विधायक ने सवाल उठा दिए और खुद निर्माण में बरती जा रही लापरवाही और गुणवत्ता की अनदेखी को लेकर जल निगम के जीएम से मिलने पहुंचे। यहां उन्होंने सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराई। इस पर विभाग ने क्यालिटी कंट्रोलर से इस पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। लेकिन सवाल उठता है कि जब कोई जनप्रतिनिधि क्षेत्र में जाकर निर्माण की गलतियां पकड़ रहा है, तो विभाग इस मामले में अभी तक चुप्पी क्यों साधे हुए था। अब जब मामला उजागर होचका है तो चल रहे निर्माण की जांच होना लाजिमी हो जाता है। पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी ने शिकायत में बताया कि उनके गांव के आसपास हो रही गड़बड़ियों को ये हैं शंका के कारण लालपुरिया कुडीये गांव में बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लाट में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग हुआ है। लक्ष्मणपुरा, हजारीपुरा, बीमाबेड़ी, चाटूखेड़ा रामपुरिया गांवों में पानी की टंकी का घटिया निर्माण चल रहा है। चौतरा गांव में एक ही नाली में तीन पाइप लाइन डाल दी है। नरीजोड़ से जसापुरा तक एवं अधिकांश जगह जमीन की सतह पर ही लाइन डाल दी। डूंगरपुर के बाइहेड़ा तक 90 एमएल की लाइन डाल दी। जबकि यह मापदंडों के अनुरूप नहीं है। अधिकारी ठेकेदारों से सांठगांठ कर किसानों को आने वाले दिनों में चूना लगाने की तैयारी में तो नहीं है। क्योंकि यदि पाइप लाइन गलत भी है, तो इसका नुकसान भविष्य में जिले के किसानों को होगा। कार्रवाई की जाएगी पूर्व विधायक द्वारा की गई + शिकायत को लेकर हम जांच करा रहे हैं, यदि गलती मिलती है तो संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। एसके जैन, जीएम जल निगम राजगढ़ 
Previous Post Next Post